दिल्ली में Air Pollution खतम करने के 10 तरीके | Delhi Pollution


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वायु प्रदूषण दुनिया के लिए एक जटिल समस्या बनी हुई है, इससे वजह से ना की मनुष्य की स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के साथ पूरे पृथ्वी में जीव जंतु खतरे में हैं. हाल ही के दिनों में दिल्ली में धुंध छाई रही थी उसका मुख्य कारण पराली जलाना हैं. यह समस्या हर साल उत्तपन्न हो जाती है, दिल्ली में बड़ती इस ज्वलंत मुद्दों को केवल सरकार या केवल आम जन खत्म नही कर सकते है इसके लिए सरकार और आम जन के साथ साथ युवा की भागीदारी होना जरूरी पड़ जाता हैं.

दिल्ली में AQI आज 362 दर्ज किया. भारत की राजधानी दिल्ली की एयर क्वालिटी (Delhi AQI) लगातार पिछले कई दिनों से ‘बहुत खराब’ कैटेगरी लिस्ट में शामिल हैं. दिल्ली के सभी इलाकों में वायु का स्तर इतना नीचे है की यह सांस लेना बहुत मुस्किल हो रहा है. वायु गुणवता सूचकांक (Air Quality Index ) क्या है? वायु गुणवता सूचकांक यह है कि किसी भी एरिया का एयर कॉलिटी बतलाता है. यह इंडेक्स भारत सरकार की सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) द्वारा जारी करती है. इसके अनुसार 375 AQI ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में आता है, जबकि 400 से ऊपर का AQI ‘गंभीर’ कैटेगरी में आता हैं. इस प्रकार यह इंडेक्स से लोगो को उनकी स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्रदान करता है.

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दिल्ली की वायु प्रदूषण हर साल बड़ जाती है, यह ठंडी के दिनों में अकसर देखने को मिल जाता हैं. इस सभी को देखते हुए, पर्यावरण विशेषज्ञ ने कई सुझाव दिए है जोकि सरकार और आम जन मिल कर एक प्रदूषण से मुक्ति मिल सकती हैं जो इस प्रकार है:

  1. कार पुलिंग: आम जनता अपने रोज मरा के लिए कार पुलिंग कर सकते है. कार पुलिंग से आशय है की आप और अपने दोस्त, कलीग्स, फैमिली के साथ एक ही कार में अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच के लिए उपयोग कर सकते है. इससे यह होगा कि आपके कार का फ्यूल, समय, कार ड्राइव करने का स्ट्रेस, और ज्यादा कार के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण से बच जायेंगे. इसके साथ ही ट्रैफिक की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा.

2. Bicycle का उपयोग: साइकिल से यात्रा करके जैसे की आपको कम दूरी के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं. इससे आपके स्वास्थ्य और गाड़ी मोटर से होने वाली प्रदूषण से बचा जा सकता हैं.

3. Social behaviour: लोगों को अपनी सोशल स्टेट्स को छोड़ कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपाय करे जैसे बस ट्रेन मेट्रो का. ताकि अगर सभी ऐसे करेंगे तो पर्सनल यूज होने वाले बाइक कार को कम किया जा सकता है.

4. CNG Car: अधिक से अधिक CNG व्हीकल के लिए सरकार को समर्थन करना चाहिए और इसके रजिस्ट्रेशन को आसान बनाना चाहिए. ताकि लोग इसका इस्तमाल करे. आपको बता दे की सीएनजी व्हीकल से प्रदूषित गैस पेट्रोल डीजल से बहुत कम उत्सर्जित होता है. सीएनजी से कार्बन डाइऑक्साइड व जल वाष्प प्रोड्यूस होती है, जिससे सीएनजी हानिकारक कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन को बहुत कम करता है और नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन को भी काफी कम करता है.

5.फ्यूल एफिशिएंट: फ्यूल एफिशिएंट वाले करो को बढ़ावा देना चाहिए. अगर ज्यादा माइलेज देगी कोई भी फोर व्हीलर तब एक प्रकार से प्रदूषण में कमी लाया जा सकता हैं.

6. पराली: पंजाब, हरियाण और दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में अक्टूबर नवम्बर में धान की कटाई की जाती है. इसके लिए हारवेस्टर का उपयोग किया जाता है जिसे की धान को अलग कर लिया जाता है और बचे हुए को आग लगा दिया जाता है जिसे पराली कहते है. इसके लिए सरकार किसानों जगरूप करना चाहिए की इसके जलाने से मृदा की उर्वरक और वायु प्रदूषण साथ साथ होता है. इसका उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए. दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्मेंट को टैक्सी शेयरिंग की व्यवस्थ करनी चाहिए. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा दे कर सभी यात्रियों और समान डुलाई करने का एक मंच तैयार हो सके.

7. Poor road: दिल्ली के बहुत से रोड खराब है जिसके की यात्री आसान और सोहलित् के अनुसार से एक लम्बी दूरी तय करने को तैयार हो जाते है. इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार को अच्छी तरह से रोड का मरमत करनी चाहिए. जिसे की लोगो को वाहन चलाने में कोई दिक्कत ना आए. दिल्ली में नेहरू नगर वाले मार्ग में अत्यंत जटिल प्रक्रिया से वाहन चालकों जाना पता हैं. इसकी व्यवस्था के लिए सरकार को सुचारू रूप में दूर करना चाहिए.

8. Electric vehicles: इलेक्ट्रिक मोटर वाहनो को ज्यादा से ज्यादा उपयोग करे इसके लिए सरकार को टैक्स और इस पर सब्सिडी देनी चाहिए. हालाकि सरकार ई रिसा के लिए लोगो को प्रोसाहन दे रही है, परन्तु लोग रिक्सा का उपयोग बहुत ही कम करते हैं. वह अपनी अपनी पर्सनल वाहनों का ही उपयोग करना चाहते है. इसके लिए आम जन को इस आदतन को खत्म करके कॉम्बिन रिस्का को याता यात के लिए किया जाना चाहिए.

9. Solar energy: घरों और छोटे छोटे उद्योगों में सोलर पैनल का प्रयोग पावर के लिए किया जाना चाहिए. इसके लिए सरकार को अच्छी योजना के तहत लोगो को जागरूक करना और सबसिडी देनी बाई चाहिए. ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योग और बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल हो जिससे की कही ना कही कोयल से उत्पन्न किए जाने बिजली कम से कम हो.

10. Landfill areas: सरकार को लैंडफिल के लिए अच्छे से व्यवस्था किया जाना चाहिए. क्योंकि खुला में वेस्टेज रखा रखने से उस पर आग लगा दिया जाता हैं. इस प्रकार के वेस्टेज में प्लास्टिक की वेस्ट मैटेरियल बहुत होते है. इन प्लास्टिक को जलाने से स्टाईरिन गैस उत्सर्जित होती है जो को बहुत ही खरनाक होती हैं.


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